उत्तराखंड

खिर्सू में जनसेवा शिविर: 21 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण

खिर्सू में जनसेवा शिविर: 21 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण

पौड़ी गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में संचालित “सेवा, सुशासन एवं समर्पण–जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत विकासखंड खिर्सू सभागार में जनसेवा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, ब्लॉक प्रमुख अनिल भंडारी सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया। साथ ही आधार पंजीकरण एवं आधार अद्यतन की सुविधा भी दी गई।

राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना और जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार, दो गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, दो महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरण तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 12 बालिकाओं को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों और सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन का भी अवलोकन किया गया।

शिविर में पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, समाज कल्याण पेंशन और श्रीनगर-खिर्सू मोटर मार्ग पर मलबा जमा होने जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पेयजल योजना का प्रस्ताव तैयार करने, स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने, जरूरतमंदों को “खुशियों की सवारी” योजना के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने, सड़क से मलबा हटाने तथा पेंशन संबंधी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।

राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर आमजन की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

शिविर के दौरान उद्यान विभाग ने 30, होम्योपैथिक विभाग ने 79, आयुर्वेदिक विभाग ने 87, स्वास्थ्य विभाग ने 45, एनआरएलएम ने 22, कृषि विभाग ने 16, बाल विकास विभाग ने 17, उद्योग विभाग ने 15, सहकारिता विभाग ने 3, राजस्व विभाग ने 4 तथा ग्रामोत्थान रीप ने 22 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया।

शिविर में कुल 21 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।